1 दिसंबर 2014 - 18:26
 अमरीका व सऊदी अरब के विरुद्ध मालेकी के साहस की सराहना

इराक़ के उपराष्ट्रपति ने लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव से भेंट तथा वार्ता की है।

इराक़ के उपराष्ट्रपति ने लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव से भेंट तथा वार्ता की है।
नूरी मालेकी ने जो उपचार के लिए बैरूत गए हुए थे, इस यात्रा में सैयद हसन नस्रुल्लाह से मुलाक़ात की। इस अवसर पर नस्रुल्लाह ने अमरीका व सऊदी अरब के विरुद्ध नूरी मालेकी की साहसपूर्ण नीतियों और इसी प्रकार इराक़ की संप्रभुता व एकजुटता की रक्षा एवं देश के बंटवारे के संबंध में दिए गए प्रलोभन के प्रति उनके प्रतिरोध की सराहना की। बताया जाता है कि मालेकी को प्रस्ताव दिया गया था कि यदि वे चाहते हैं कि तीसरी बार इराक़ के प्रधानमंत्री बनें तो उन्हें कुर्दों द्वारा तेल बेचने के विषय पर मौन धारण करना होगा और इसी प्रकार कुर्दों की कुछ अन्य मांगें भी स्वीकार करनी होंगी। इस प्रस्ताव के अनुसार इराक़ी कुर्दिस्तान, सीरिया के कुछ क्षेत्र को मिला कर जार्डन से जुड़ जाता और इस प्रकार वैकल्पिक देश की ज़ायोनी शासन की योजना पूरी होने का मार्ग प्रशस्त हो जाता किंतु नूरी मालेकी ने इन बातों को अस्वीकार कर दिया।हसन नस्रुल्लाह ने इसी प्रकार इराक़ की अखंडता की रक्षा किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि किसी को भी इस बात की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए कि वह इराक़ को कमज़ोर कर सके।
इस मुलाक़ात में इराक़ के उपराष्ट्रपति नूरी मालेकी ने एक बार फिर इन अफ़वाहों का खंडन किया कि वे हैदर अलएबादी को देश का प्रधानमंत्री बनाए जाने के विरोधी थे और वे नई सरकार के विरुद्ध विद्रोह का कार्यक्रम बना रहे हैं।